Best Mahatma Gandhi Essay In Hindi | महात्मा गांधी पर निबंध 2021

Mahatma Gandhi essay in hindi – दोस्तो आज मैं आपको Mahatma Gandhi essay in hindi के बारे में बताऊंगा। महात्मा गांधी पर निबंध कई लोगों ने लिखा होगा लेकिन उन्होंने आपको सटीक निबंध नहीं बताया होगा। मैं आपको बस Mahatma Gandhi essay बताऊंगा जिससे आप अपने स्कूल या कॉलेज में दिए गए निबंध पर बहुत ही आसानी से essay लिख सकते हैं।

तो चलिए……

Mahatma Gandhi essay in hindi in 100,300,500 words

महात्मा गांधी पर निबंध 100 शब्द – 

महात्मा गांधी का पूरा नाम मोहनदास करमचंद गांधी था। उनका जन्म 2 अक्टूबर 1869 मैं गुजरात के एक  छोटे से शहर में हुआ था। महात्मा गांधी के पिता का नाम करमचंद था और उनकी माता का नाम पुतलीबाई था। महात्मा गांधी ने भारत देश को आजाद कराने में बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया जिसके कारण उनको राष्ट्रपिता के नाम से संबोधित किया गया|

Mahatma Gandhi Essay In Hindi - महात्मा गांधी पर निबंध 100,300,500 शब्द में

इस उपाधि का सबसे पहले संबोधन सुभाष चंद्र बोस ने किया था। उनकी माता बहुत ही ज्यादा धार्मिक थी वह सारा दिन पूजा अर्चना में बिताती थी। उनके पिता उस शहर के दीवान थे। महात्मा गांधी की शादी 13 वर्ष में कस्तूरबा नाम की लड़की से करवा दी गई थी।

महात्मा गांधी पर निबंध 300 शब्द | Mahatma Gandhi essay in hindi – 

मोहनदास करमचंद गांधी यह महात्मा गांधी का पूरा नाम था। इनका जन्म 2 अक्टूबर 1869 में गुजरात के एक छोटे से शहर पोरबंदर में हुआ था। महात्मा गांधी के पिता का नाम करमचंद और उनकी माता का नाम पुतलीबाई था। पुतलीबाई करमचंद की चौथी पत्नी थी और महात्मा गांधी उनकी अंतिम संतान। महात्मा गांधी की शादी 13 वर्ष की आयु में कस्तूरबा नाम की लड़की से करा दी गई थी जो महात्मा गांधी से 1 वर्ष बड़ी थी।

महात्मा गांधी के शादी के कुछ दिनों बाद ही उनके पिता का देहांत हो गया। उनके पिता राजकोट में दीवान थे। महात्मा गांधी अपनी मैट्रिक पास करने के बाद वकालत लंदन से पढ़ाई किए। उनकी पत्नी का पूरा नाम कस्तूरबाई मकन जी था, इतना बड़ा नाम ना लेने के कारण लोग उनको कस्तूरबा नाम से बुलाने लगे और उनको प्यार से लोग बा नाम से बुलाते थे। उनके चार संताने थी उनका नाम हीरालाल मणिलाल देवदास और रामदास था। इन्होंने अपनी मिडिल क्लास की पढ़ाई पोरबंदर में की थी और हाई क्लास की पढ़ाई राजकोट में किए थे। महात्मा गांधी सत्य के पुजारा थे वह हमेशा सत्य की राह पर ही चलते थे।

Mahatma Gandhi Essay In Hindi - महात्मा गांधी पर निबंध 100,300,500 शब्द में

उनका मन बहुत ही सांप रहता था क्योंकि उनकी मां पुतलीबाई का असर उनके जीवन पर बहुत ही ज्यादा पढ़ा था इसीलिए वह हमेशा सत्य की राह पर दूसरों को चलने के लिए प्रेरित किया करते थे। वह ना ही खुद हिंसा करते थे ना ही किसी को हिंसा करने देते थे वह हमेशा अहिंसक बनने के लिए लोगों को प्रेरित किया करते थे। हमारे भारत देश को आजाद कराने के लिए बहुत ही बड़ा योगदान दिए थे और उनकी पत्नी कस्तूरबा का भी बहुत बड़ा योगदान था हमारे देश को आजाद कराने के लिए। इसीलिए सुभाष चंद्र बोस ने उनको राष्ट्रपिता के नाम से संबोधित किया।

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महात्मा गांधी पर निबंध 500 शब्द

महात्मा गांधी का पूरा नाम मोहनदास करमचंद गांधी था उनका जन्म 2 अक्टूबर 1869 मे गुजरात के पोरबंदर नामक शहर में हुआ था। पिता का नाम करमचंद गांधी था और उनकी माता का नाम पुतलीबाई था उनके पिता राजकोट में दीवान थे और उनकी माता बहुत ही धार्मिक विचार की थी। उनकी मां के इस धार्मिक विचार उनके जीवन में बहुत ही ज्यादा प्रभाव डालें वह उपवास रखना आत्मा की शुद्धि उनकी मां से ही प्राप्त हुई थी।  उनकी शादी 13 वर्ष की आयु में कस्तूर बाई मकनजी से करवा दी गई थी।

शादी के 2 साल बाद उनको एक संतान हुई जो सिर्फ कुछ दिनों तक ही जीवित थी। उसके बाद उनको 4 संताने हुई वह सभी पुत्र थे। इनको पहला पुत्र 1888 में हुआ जिसका नाम हीरालाल था, 1892 मे उमको दूसरी संतान हुई जिसका नाम मणिलाल था।उनको तीसरी संतान 1897 में हुई जिसका नाम रामदास था। 1900 मैं उनको चौथी संतान हुई जिसका नाम देवदास उन्होंने रखा। इन चारों पुत्रों की मिडिल क्लास की पढ़ाई पोरबंदर शहर में ही हुई उसके बाद राजकोट से इन्होंने अपना हाई स्कूल पास किया

Mahatma Gandhi Essay In Hindi - महात्मा गांधी पर निबंध 100,300,500 शब्द में

महात्मा गांधी सत्य के उपासक थे वह हमेशा सत्य की राह पर चलते थे और लोगों को भी सत्य की राह पर चलने के लिए प्रेरित करते थे। वह यह मानते थे कि हिंसा से कोई भी काम नहीं कराया जा सकता इसीलिए वह अहिंसक बनने के लिए लोगों को प्रेरित किया करते थे। उनका पहला पुत्र मरा था उसके कुछ दिन पश्चात उनके पिता का भी मृत्यु हो गई थी उसके बाद वह अपनी पूरी पढ़ाई किए फिर उसके बाद वह अपनी वकालत की पढ़ाई करने के लिए लंदन चले गए।
अपनी वकालत की पढ़ाई के लिए लंदन गए थे वहां पर वह 3 साल में अपनी वकालत की पढ़ाई पूरी किए उसके बाद वह इंडिया वापस आए।

महात्मा गांधी अपने भारत देश को आजाद कराने के लिए बहुत सारे आंदोलन किए भारत देश के आजाद होने के बाद उनके उनके योगदान को देखकर सुभाष चंद्र बोस ने उनको राष्ट्रपिता के नाम से संबोधित किए। और हमारे देश के लोग उनको प्यार से बाबू कह कर बुलाते थे। महात्मा गांधी हमेशा शाकाहारी रहने के लिए लोगों को कहा करते थे क्योंकि उन गया मानना था कि किसी जानवर को मार कर खाना उचित नहीं होगा। इसीलिए वह हमेशा अहिंसा के मार्ग पर चला करते थे।

महात्मा गांधी सादगी में विश्वास रखते थे वह अपना जीवन बहुत ही सिंपल तरीके से व्यतीत किया करते थे। हमारे बापू अर्थात महात्मा गांधी पूरे सप्ताह में एक दिन मौन धारण करते थे क्योंकि उनका यह मानना था कि 1 दिन मौन धारण करने से उनको आंतरिक शांति प्रदान होती है। महात्मा गांधी ने कई सारे आंदोलन किए। महात्मा गांधी की मृत्यु 30 जनवरी 1948 में हुई थी। महात्मा गांधी को इस दिन नाथूराम गोडसे गोली मारकर उनकी हत्या कर दी थी। उनकी राख को 12 फरवरी 1948 में इलाहाबाद में प्रवाहित किया गया।

Conclusion

दोस्तों मैंने आपको इसमें mahatma gandhi essay in hindi बताया हूं जिसे आपको काफी आसानी हो गई होगी महात्मा गांधी पर निबंध लिखने के लिए। अगर आपको इस टॉपिक mahatma gandhi essay in hindi मैं कुछ नहीं समझा होगा तो आप कमेंट कर सकते हैं और अगर आप mahatma gandhi essay in hindi के बारे में कोई सुझाव देना चाहते हैं तो तब भी आप हमें कमेंट कर सकते हैं हम आपके उस सुझाव को आने वाले ब्लॉग में जरूर ही जोड़ेंगे।

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